मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और देश के विकास में योगदान का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति देने और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
कैबिनेट के अभिनंदन प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व को राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की यात्रा बताया गया। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, डिजिटल भुगतान, जीएसटी और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई जैसे प्रमुख फैसलों का उल्लेख किया गया। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में आवास, स्वास्थ्य, स्वच्छता, राशन, पेयजल और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाओं के विस्तार के लिए आभार जताया गया।
प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से प्रदेश के लाखों हितग्राहियों को लाभ मिला है। वहीं, सड़क, रेल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार के साथ निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया गया। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और विकास कार्यों को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
कैबिनेट का एक अहम फैसला पूर्व अग्निवीरों को लेकर भी रहा। गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति दी गई है। राज्य सरकार पहले ही इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। इसके अलावा, मंत्रिपरिषद ने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के जरिए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संकल्प दोहराया है। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर और विभागीय पहचान में बदलाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



