
बिलासपुर हाईकोर्ट में निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान DGP ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पुलिस विभाग ने कोर्ट को बताया कि महिला योगा टीचर की शिकायत पर रतनलाल डांगी के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। वहीं, पीड़िता की आपत्ति के बाद जांच प्रक्रिया में बदलाव करते हुए महिला IPS अधिकारी पारुल माथुर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य शासन का जवाब आने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।
दरअसल, बिलासपुर के राजकिशोरनगर निवासी महिला योगा टीचर ने तत्कालीन IG रतनलाल डांगी पर प्रताड़ित करने और अश्लील फोटो एवं मैसेज भेजने के आरोप लगाए थे। पीड़िता ने इस संबंध में DGP के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी IPS आनंद छाबड़ा और IPS मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी। हालांकि, पीड़िता ने जांच में पक्षपात और अनियमितता का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से जांच अधिकारियों को बदलकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने गृह विभाग के सचिव और DGP को जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। पुलिस विभाग ने अपने जवाब में बताया कि प्रारंभिक जांच में शिकायत के आरोप प्रमाणित पाए गए हैं और रतनलाल डांगी के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया गया है।
राज्य शासन की ओर से बताया गया कि पीड़िता की आपत्ति पर 29 सितंबर 2026 को महिला IPS अधिकारी पारुल माथुर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले ADGP दीपांशु विजय काबरा को जांचकर्ता अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। शासन का जवाब मिलने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।



